Featured

emotions in poetry…

Hi…

Welcome to my blog which is all about emotions in poetry…my emotions in my poetry…

I have attempted to put my emotions in Hindi…Urdu…Marathi…

There are different kinds of poetry from short and sweet charolis to poems…kavitas and gazals…

Enjoy them all…

Dr Namrata Kulkarni

Advertisements

उसे भूला देना…Use Bhula Dena…

उसे भूला देना…

गुजरे वक़्त को रुखसत करना, उसे भूला देना
ग़म ए जहाँ को ना थामे रखना, उसे भूला देना

ख़ुदा को पैहम याद करना, ना उसे भूला देना,
दुश्मन को जरूर दुआ देना,ना उसे भूला देना

जलती यूँ मिरी क़ामयाबी पर बेरुखी ये दुनिया,
जुल्मों सितम करे संग दिल जमाना, उसे भूला देना

सहरा की गर्म रेत सी रूह, प्यासी चंद बूँदों की,
हो सके तो बरसना, ना तरसाना, उसे भूला देना

इन्सानी फ़ितरतों ने लिखा सफहों पर फ़साना,
माजी मुड़े पन्नों को मुड़े रखना, उसे भूला देना

कोई ना किसी का, मशगूल यहाँ सारा जहाँ,
आँसू आँखों में यूँ असीर करना, उसे भूला देना

इस रहगुज़र पर चलना आसान नही प्यारे,
दिखे नक्श ए पा का निशाना, उसे भूला देना

साकिया जब चल पड़ें कदम मदीने की ओर,
मैक़दा जाने इरादा ना करना, उसे भूला देना

जनाजा जो निकला, गोर पे कफ़न चढ़ा देना,
मुर्दा ए ग़म को वहाँ दफ़नाना, उसे भूला देना

डॅा नम्रता कुलकर्णी
बेंगलुरु
१८/१२/१६

यादें…Yaadein…

In memory of the 32nd year grand get together at goa and the millions of fantabulous memories carried forward from it…Dedicated to all my batchmates…Hangover…Cheers🍾🍷🍸🍹🍺🍻🥂🥃

मिले हम जब गोआ में दोस्तों…Goa GT was like the mehfil of Saaqi…

यादें

मिले साक़ी तेरी बज़्म में कुछ हर्फे याद आये,
पलटे पुराने सफहों को, जिंदगी के फ़लसफ़े याद आये

दोस्तों के साथ ना कोई पैमाने तेरे मैक़दे साक़ी,
किसी ने सुनाये पुराने किस्से, तो यूँ शगूफे याद आये

शब ओ सहर चला ये सिलसिला रक़ाबतों का,
उन यादों के कारवाँओं में मुझे कुछ लतीफ़े याद आये

चाँदनी चुनर ओढ़े,आयी नशीली अरुस ए श्याम,
महफ़िल में दीये जो किसी ने, वो तोहफ़े याद आये

वस्ल ए यारों की रात धीरे से बसर होती रही,
जाँ असीर लफ़्ज़ यादों की स्याही में, वो सफ़हे याद आये

फिराक़ ओ जुदाई लायी फक़त मायूसी हौले से,
हबीब ओ रक़ीबों ने किये कई अल्ताफ़ ये याद आये

साग़र, साक़ी, मयनोशी, दोस्त ओ बादानोशी,
मदहोशी के लम्हे जो पी लिये, कितने दफ़े याद आये

डॉ नम्रता कुलकर्णी
बेंगलूरु
१६/०९/१७

हर्फ़ alfabet word
सफ़हे pages
फ़लसफ़े philosophies
शगूफे funny stories
रक़ाबतों rivalries
अरुस ए श्याम bride of the night
असीर prisoner
अल्ताफ़ kindness favour
मयनोशी, बादानोशी intoxication

मनकवडा…Mankawada…

येशील ना तू परत माझ्या रिक्त आयुष्यात,
बघ कवडसा डोकावे ढगापल्याड श्रावणात।

आस ही निरंतर तिमिराने वेढलेल्या मनात,
क्षितिजावर दिसे त्या मिहीराच्या आगमनात।

Voices Inside Of My Head…

Voices inside of my head,
The ones that I most dread.

Sometimes they are so silent,
Like a cat’s paws they tread.

Not always quietly heard,
Shouting n then always fled.

Scattered in corners of mind,
Like autumn leaves they spread.

Raking them with sensibilities,
I burn them in my mind’s shed.

Some are good, some are bad,
Racing like lightening they sped.

People think I’m crazy n loony,
“We cant hear them?” They said.

Incessantly Self judgemental,
Why they can’t be quite instead?

They are thoughts of past held,
Reminding me of mistakes I made.

Protecting me and warning me,
Very carefully on a path they lead

Sudden calm n silence I hear,
Chill, relax n control,my mind said.

Quiet are the voices in my head,
Looks like the monsters have fled.

NK

2/9/17

कुणाच्या खांद्यावर कुणाचे ओझे…? konachya khandyawar konache ojhe…?

कुणाच्या खांद्यावर कुणाचे ओझे,

जगतात येथे म्हणूनी तुझे न माझे।

कुणा साठी कोणी नाही आज इथे,

अश्रूंच्या भावनांचं पाणी जिथे थिजे।

कोमेजल्या मनाच्या संवेदना जिथे,

कसे उगवतात गुलाब रोज हे ताजे ?

खुर्चीच्या मानाला ना साजेनासे वागे,

तरीही म्हणतात आम्हीच तुमचे राजे !

धगधगती चिता विजली नाही अजून,

तसबिरी वर चंदनाचा हार कसा साजे ?

NK 26/8/17